आज की जिंदगी

कोरोना को हल्के में लेते हुए व्यापार करने के लिए
लाकॅ डाउन में बाहर निकलने वालों की रियलिटी …☺️
एक दिन……………….
अचानक बुख़ार आता है
गले मे दर्द होता है
साँस लेने मे कष्ट होता है
कोरोना टेस्ट की जाती है
3 दिन तनाव में बितते है..
अब टेस्ट पोजिटिव आने पर–
रिपोर्ट नगर निगम जाती है
रिपोर्ट से हॉस्पिटल तय होता है
फिर एम्बुलेंस कॉलोनी में आती है
कॉलोनी वासी खिड़की से झाँक कर तुम्हे देखते है
कुछ एक की सदिच्छा आप के साथ है
कुछ मन ही मन हँस रहे है
ओर चुपचाप कहते है बहुत माल बेचने की पड़ी थी रोज Delhi एवं cold storage se माल लेकर व्यापार कर रहा था
एम्बुलेंस वाले उपयोग के कपड़ें रखने का कहते है… बेचारे
घरवाले तुम्हें जी भर के देख रहे
तुम्हारी आँखों से आँसू बोल रहे..तभी..चलो जल्दी बैठो आवाज़ दी गई
एम्बुलेंस का दरवाजा बन्द..
सायरन बजाते रवानगी…
फिर कॉलोनी सील कर दी…
14 दिन पेट के बल सोने कहा.. दो वक्त का
जीवन योग्य खाना मिला..

सारे संसाधन सब अदृश्य हो गए..(टीवी, मोबाइल )

सामने की दीवार पर अतीत वर्तमान के दृश्य दिखने लगे,,..
अब
आप ठीक हो गये तो ..ठीक वो भी
जब 3 टेस्ट नेगेटिव आ जाये, तो घर वापसी….. लेकिन
इलाज के दौरान यदि कोई अनहोनी आपके साथ हुई तो..

आपके शरीर को प्लास्टिक मे रैप
करके सीधे शवदाहगृह….

अपनो को अंतिमदर्शन भी नही..
कोई अंत्येष्टि क्रिया में अपने वाले भी नहीं…
सिर्फ
परिजनों में से एक ओर फिर मिलता हे को एक डेथ सर्टिफिकेट
और….खेल खतम।

बेचारा चला गया.. अच्छा था।
इसीलिये, घर मे सुरक्षित रहो. मोह त्यागो.

व्यापार तो जिंदगी भर करना हे
जीवन अनमोल हैं
मेरे भाईयो .🙏🏻🙏🏻
ध्यान रखें

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