सोच रहा हूँ तुमसे बोलूं by राग रामेश्वर

सोच रहा हूं तुमसे बोलूं
पानी में जैसे हींग सा घोलूं
तेरी चुप्पी टूट जाए
बोल! मैं ऐसा क्या बोलूं

सोच रहा हूं तुमसे बोलूं..

चल हम दोनों यूं खो जाएं
कोहरे जैसे बादल हो जाएं
ख़्वाब उनींदे दस्तक देते
मन की खिड़की होलै से खोलूं

सोच रहा हूं तुमसे बोलूं..
-राग रामेश्वर

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